
फोटो गूगल से साभार
कैसी तुझसे लगी है दिल की लगन, एक तुम्हारे सिवा कुछ भी दिखता नहीं. कितने फूलों ने भँवरे को निमंत्रण दिया, एक तुम्हारे सिवा कोई जंचता नहीं.खुशबूओं से रचा है बदन ये तेरा, तू रहती है फूलों की हर डाल में .मुस्कुरा के पलटकर जो देखोगी तुम, कैसे दिल चुप रहेगा इस हाल में.
तुम संभालोगे फिर भी न संभलेगा दिल, जोर इसपर किसी का भी चलता नहीं.कैसी तुझसे लगी है दिल की लगन,...