19.5.11

फोटो गूगल से साभार कैसी तुझसे लगी है दिल की लगन, एक तुम्हारे सिवा कुछ भी दिखता नहीं.  कितने फूलों ने भँवरे को निमंत्रण दिया, एक तुम्हारे सिवा कोई जंचता नहीं.खुशबूओं से रचा है बदन ये तेरा, तू रहती है फूलों की हर डाल में .मुस्कुरा के  पलटकर जो देखोगी तुम, कैसे दिल चुप रहेगा इस हाल में. तुम संभालोगे फिर भी न संभलेगा दिल, जोर इसपर किसी का भी चलता नहीं.कैसी तुझसे लगी है दिल की लगन,...

16.5.11

तेरी तस्वीर भी मुझसे रू-ब-रू नहीं होतीभले मैं रो भी देता हूँ गुफ्तगू नहीं होतीतुझे मैं क्या बताऊँ जिंदगी में क्या नहीं होता ईद पर भी सवईयों में तेरी खुशबू नहीं होती जिसे देखूं , जिसे चाहूं, वो मिलता है नहीं मुझकोहर एक सपना मेरा हर बार चकना-चूर होता हैज़माने भर की सारी ऐब मुझको दी मेरे मौला मैं जिसके पास जाता हूँ, वो मुझसे दूर होता है. दिल में हो अगर गम तो छलक जाती है ये आँखें ये दिल...